हम बर्फ से उनकी मोहब्बत में पिघलते रहे।
उनकी बाहों में समाने को हर पल मचलते रहे।।
सोंचा था शिद्दत से चाहेंगे वो हमको उम्र भर।
मोहब्बत तो बहुत की बस किरदार बदलते रहे।।

कुछ रिश्ते उम्र भर अगर बेनाम रहे तो अच्छा है,
आँखों आँखों में ही कुछ पैगाम रहे तो अच्छा है,
आँखों आँखों में ही कुछ पैगाम रहे तो अच्छा है,
सुना है मंज़िल मिलते ही उसकी चाहत मर जाती है,
गर ये सच है तो फिर हम नाकाम रहें तो अच्छा है,
गर ये सच है तो फिर हम नाकाम रहें तो अच्छा है,
जब मेरा हमदम ही मेरे दिल को न पहचान सका,
फिर ऐसी दुनिया में हम गुमनाम रहे तो अच्छा है..।
फिर ऐसी दुनिया में हम गुमनाम रहे तो अच्छा है..।








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